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मुंबई : महाराष्ट्र सरकार ने नई शिक्षा नीति के तहत राज्य की सभी बेटियों को शत-प्रतिशत शिक्षा शुल्क माफी देने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। इस बाबत जानकारी उच्च व तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटील ने दी। उन्होंने कहा कि सरकार छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य और सर्वांगीण विकास के लिए कटिबद्ध है।
मंत्री पाटील ने कहा, “यदि बेटियों को शिक्षा में प्राथमिकता दी गई तो उनका व्यक्तित्व मजबूत होगा। उनकी सुरक्षा के लिए स्वसंरक्षण का प्रशिक्षण जरूरी है। अब सरकार उनकी पूरी पढ़ाई का खर्च उठाएगी जिससे बेटियां अधिक सशक्त और आत्मनिर्भर बनेंगी।”
सरकार ने ‘कमाओ और सीखो’ योजना के तहत पांच लाख छात्राओं को हर महीने 2,000 रुपये देने का भी निर्णय लिया है। इसके साथ ही इंजीनियरिंग कॉलेज कैंपस और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में उद्योग निर्माण को बढ़ावा देकर छात्राओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम किया जाएगा।
स्वच्छता पर भी जोर-
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छता अभियान का उल्लेख करते हुए पाटील ने कहा कि विद्यालयों के छात्रों को स्वच्छता पर विशेष ध्यान देना चाहिए। स्वच्छता की आदत स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी है।
उन्होंने आगे कहा, “सरकार ने विद्यालयीन छात्राओं को सैनेटरी नैपकिन उपलब्ध कराए हैं। मुफ्त शिक्षा के साथ अन्य जरूरी सुविधाएं भी मुहैया कराई जा रही हैं। यदि समाज के ट्रस्ट, संस्थाएं और नागरिक अपनी आय का कुछ हिस्सा सामाजिक कार्यों में लगाएं तो राज्य का विकास और तेज होगा।”
चंद्रकांत पाटील ने विश्वास जताया कि शिक्षा शुल्क माफी, स्वसंरक्षण प्रशिक्षण, ‘कमाओ और सीखो’ योजना और स्वच्छता पर बल जैसे उपक्रम छात्राओं की प्रगति का सशक्त मार्गदर्शन साबित होंगे।









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