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औरंगाबाद: मराठवाड़ा में आई भीषण बाढ़ ने किसानों और नागरिकों का जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। खेत, फसलें और घर पानी में बह गए हैं। इस गंभीर हालात को लेकर उद्धव ठाकरे ने केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधा था। अब भाजपा ने भी पलटवार करते हुए ठाकरे को दशहरा रैली के खर्च पर घेरा है।
भाजपा के मुख्य प्रवक्ता केशव उपाध्ये ने कहा कि मराठवाड़ा की स्थिति बेहद गंभीर है। उद्धव ठाकरे ने जिलों का दौरा कर केवल संवेदना जताई, लेकिन अब असली मदद की ज़रूरत है। यदि दशहरा रैली रद्द कर उसका खर्च बाढ़ पीड़ितों को दिया जाए तो वही सच्ची संवेदना होगी।
उन्होंने तंज कसते हुए आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री रहते हुए उद्धव ठाकरे ने कुछ काम नहीं किया, अब प्रायश्चित के तौर पर रैली का पैसा जनता के काम में लगाना चाहिए। उपाध्ये ने कहा कि बाला साहेब ठाकरे के जमाने में दशहरा रैली विचारों का मंच होती थी, लेकिन आज वहाँ सिर्फ ‘गद्दार, मेरा पक्ष छीना’ जैसी बातें दोहराई जाती हैं।
वहीं, उद्धव ठाकरे ने भी सरकार पर पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा को प्रशासन चलाना आता ही नहीं। चुनाव के समय प्रधानमंत्री बिहार जाकर करोड़ों की मदद घोषित करते हैं, लेकिन महाराष्ट्र के किसानों की समस्याएँ देखते हुए भी यहाँ नहीं आते। मुख्यमंत्री ने केवल प्रस्ताव भेजने की बात कही, जबकि हालात साफ दिख रहे हैं।
मराठवाड़ा की बाढ़ और उस पर राजनीतिक बयानबाजी के चलते अब दशहरा रैली राज्य की सियासत का नया केंद्र बन गई है।








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