India Morning News
प्रिंसिपल जयश्री रानडे का सेवानिवृत्ति पर सत्कार
नागपूर : मैंने अपनी 32 साल की अखंडित सेवा में कई उतार-चढ़ाव देखे हैं, लेकिन स्कूल से मुझे जो श्रेय और प्रतिष्ठा मिली है, वह मेरे जीवन में सबसे महत्वपूर्ण है.मैं हडस हाईस्कूल का सदैव ऋणी रहना चाहूंगी.एकमात्र इच्छा हडस हाइस्कूल की शताब्दी को उसके गौरवशाली स्वरूप में देखना है, जो अपने नाम के अनुरूप ही उदार है. मैं अपने सफल करियर का सारा श्रेय अपने साथी शिक्षकों को देती हूं जिन्होंने मेरे साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम किया.धीरे-धीरे यह स्पष्ट होता जा रहा है कि शिक्षक ही स्कूल के आधार स्तंभ हैं. स्कूल के पूर्व छात्र और छात्राएं स्कूल के स्तंभ हैं. यह एक मामूली अपेक्षा है कि वे स्कूल के लिए अच्छा काम करने और समुदाय की सेवा करने के लिए मिलकर काम करेंगे.
लिबरल एजुकेशन सोसायटी, नागपुर द्वारा संचालित हडस हाई स्कूल एवं जूनियर कॉलेज के रोटरी हॉल में आयोजित एक हृदयस्पर्शी हितगुज कार्यक्रम के अवसर पर प्राचार्या जयश्री रानडे ने अपने विचार व्यक्त किए.
कार्यक्रम में हडस प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक मृणाल कासखेडिकर और पर्यवेक्षक अजय लाबडे मुख्यरूप से उपस्थित थे.
2 महाराष्ट्र सिग्नल कंपनी, एनसीसी द्वारा आयोजित “एक हृदयस्पर्शी हितगुज” कार्यक्रम में प्राचार्या ने विद्यार्थियों एवं कैडेट्स के प्रश्नों का खुले मन से उत्तर दिए कैडेटों द्वारा लिया गया साक्षात्कार, जिसमें उन्होंने 32 वर्ष की सेवा पूरी करने के बाद निर्धारित आयु में अपनी सेवानिवृत्ति को उचित ठहराया.
विद्यार्थियों और अध्यापकों ने खुलकर प्रधानाचार्य से अपने प्रश्न पूछे और प्रधानाचार्य ने भी समान प्रेम से उनका उत्तर दिया.
अभिभावक प्रतिनिधियों राखी मेश्राम, नाजुका अकनूरवार, वनिता देशमुख ने प्रधानाचार्य को उपहार देकर सम्मानित किया. छात्र सैनिक कैडेट दिता अकनूरवार ने अपना बनाया स्केच प्रिंसिपल को उपहार स्वरूप भेंट किया. इस कार्यक्रम में कई पूर्व कैडेट सैनिक भी शामिल हुए थे
कैडेट सक्षम सहारे, कैडेट तन्वी क्षीरसागर, चिरंजीव मोहित बर्डे, कुमारी शिरीन कटोले ने प्रिंसिपल का कुशलतापूर्वक साक्षात्कार लिया. लिबरल एजुकेशन सोसाइटी के सचिव नीलेश साठे ने प्रिंसिपल को उनकी सेवानिवृत्ति पर शुभकामनाएं दीं.कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र, शिक्षक और अभिभावक उपस्थित थे. कार्यक्रम का संयोजन टू महाराष्ट्र सिग्नल कंपनी एनसीसी तथा मराठी विभाग द्वारा चीफ ऑफिसर डॉ. सुशील वंजारी ने किया गया






Comments are closed