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महाराष्ट्र में भारी बारिश का सिलसिला जारी; मौसम विभाग ने जारी किए अलर्ट, वजह क्या?

September 25, 20251 Mins Read
Heavy rain IMD issues in Maharashtra
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India Morning News

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महाराष्ट्र में इस वर्ष लगातार मूसलधार बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया है। खासकर विदर्भ के कई जिलों में बारिश के चलते अलर्ट जारी किया गया है। गड़चिरोली, चंद्रपुर और यवतमाल में ऑरेंज अलर्ट, जबकि नागपुर, भंडारा और वर्धा में यलो अलर्ट जारी किया गया है। विदर्भ के कुछ इलाकों में तेज हवाओं और बिजली के साथ बारिश की संभावना है।

नागपुर मौसम विभाग के विशेषज्ञ प्रवीणकुमार ने बताया, “उत्तर ओड़िशा और वायव्य बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने से विदर्भ में अगले तीन-चार दिनों तक लगातार बारिश का अनुमान है। शुक्रवार को गड़चिरोली, चंद्रपुर, वाशिम और यवतमाल जिलों में ऑरेंज अलर्ट रहेगा।”

मध्य महाराष्ट्र और कोकण की बारिश-

पुणे, सातारा, सांगली, सोलापुर, कोल्हापुर तथा रत्नागिरी और रायगढ़ में कुछ हिस्सों में मध्यम से तेज बारिश की संभावना जताई गई है। मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा के अन्य क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, शुक्रवार और शनिवार को राज्य के अधिकांश हिस्सों में बादलों से घिरा वातावरण रहेगा और तेज बारिश का खतरा रहेगा।

बारिश से खतरा और नुकसान-

25 से 29 सितंबर के बीच राज्य में भारी बारिश का खतरा बरकरार रहेगा। विशेषकर 27 सितंबर को मराठवाड़ा में अत्यधिक बारिश का अलर्ट जारी है। विदर्भ और मराठवाड़ा में बढ़ते नदियों के जलस्तर और खेतों में जलभराव की वजह से हालात गंभीर बने हुए हैं।

कृषि पर असर-

मराठवाड़ा में बारिश से फसलों को सबसे अधिक नुकसान हुआ है। उगी हुई फसलें पानी में डूब चुकी हैं, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।

इस बार ज्यादा बारिश का कारण-

मौसम विशेषज्ञ एस. जी. सानप ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में आंध्रप्रदेश के तट के पास दो कम दबाव वाले क्षेत्र बने, जो पश्चिम की ओर बढ़ते हुए मराठवाड़ा और विदर्भ से होकर गुजरे। इसी वजह से इन इलाकों में मूसलधार बारिश हुई। आम तौर पर यदि ये प्रणाली खाड़ी के उत्तर भाग में बनती तो मध्य भारत में ज्यादा बारिश होती। इस बार यह क्षेत्र मध्य खाड़ी में बनने और पश्चिम की ओर बढ़ने से महाराष्ट्र में विशेषकर मराठवाड़ा और विदर्भ में बारिश सामान्य से अधिक हुई।

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