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नागपुर: नागपुर एयरपोर्ट की एयर स्ट्रिप के निर्माण और सुधार कार्य में 1.5 साल की देरी के कारण नागरिकों को लगभग 50 करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इस मुद्दे पर सार्वजनिक रूप से नाराजगी व्यक्त की है।
यह टिप्पणी उन्होंने नागपुर में आयोजित एयर ट्रैफिक कंट्रोलर गिल्ड इंडिया के तीन दिवसीय सेमिनार के उद्घाटन सत्र में की। इस सेमिनार में देशभर के एयरपोर्ट पर कार्यरत एटीसी और एयरलाइन कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल हुए। उद्घाटन कार्यक्रम में गडकरी ने कहा कि विमानन क्षेत्र भविष्य में भारत की अर्थव्यवस्था में प्रमुख भूमिका निभाएगा और इसके विकास के लिए आधुनिक वैश्विक तकनीक को आत्मसात करना आवश्यक है।
विकास और सुधार पर जोर-
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि नागपुर में 24 साल बाद इतने बड़े पैमाने पर विमानन सेमिनार का आयोजन हुआ है। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में विमानन क्षेत्र में विकास दर लगभग 24 प्रतिशत रहने की संभावना है। इसके लिए नियमों में सुधार करना बेहद जरूरी है ताकि प्रगति की गति तेज हो और बाधाएं कम हों।
उन्होंने “Expansion with Quality” का मंत्र देते हुए नियमों के कारण आने वाली समस्याओं पर भी प्रकाश डाला। गडकरी ने अधिकारियों की फाइलों में देरी रखने की आदत को गंभीर समस्या बताते हुए कहा कि इससे सीधे नागरिकों को आर्थिक नुकसान होता है।
नागपुर का विमानन क्षेत्र में महत्व-
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि एयर कार्गो सेक्टर में सुधार और विस्तार से क्षेत्र में बड़ा आर्थिक लाभ होने की संभावना है। मध्य भारत में स्थित होने के कारण नागपुर इस विकास में अहम योगदान देगा। उन्होंने विमानन सेवा में व्यापक सुधार की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि क्षेत्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर इसकी गुणवत्ता बढ़ाना आवश्यक है।










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