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यवतमाल – विदर्भ के सोयाबीन किसान इस वर्ष बड़े संकट से जूझ रहे हैं। पहले से ही उन्हें उचित समर्थन मूल्य नहीं मिल रहा था और अब पीला मोज़ेक रोग ने उनकी फसल पूरी तरह चौपट कर दी है। खेतों में फलियाँ तो हैं, लेकिन उनमें बीज नहीं बने या बेहद बारीक रह गए, जिससे किसानों को कटाई का खर्च भी निकलना मुश्किल हो गया है।
इन हालातों को देखते हुए कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने राज्य सरकार से मांग की है कि प्रभावित किसानों को प्रति हेक्टेयर ₹50,000 की तत्काल सहायता दी जाए।
वडेट्टीवार ने यवतमाल जिले की कलंब तहसील के बेलोना गाँव का दौरा कर खेतों का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि लगभग 80% सोयाबीन फसल पीले मोज़ेक वायरस की चपेट में है। “किसानों को कोई उपज नहीं मिलेगी। एक ओर भारी बारिश का कहर और दूसरी ओर सरकार की अनदेखी ने किसानों को हताश कर दिया है। पंजाब की तर्ज पर महाराष्ट्र में भी किसानों को प्रति हेक्टेयर 50 हज़ार रुपये का मुआवज़ा देना चाहिए,” उन्होंने जोर देकर कहा।
यवतमाल, वाशिम, वर्धा और चंद्रपुर जिलों में इस रोग का व्यापक असर हुआ है। वडेट्टीवार ने कृषि मंत्री को पत्र लिखकर इस मामले की त्वरित जांच और किसानों को राहत देने की अपील की है।
यह मांग पूरी होने पर किसानों को आर्थिक सहारा मिलेगा और खेती जारी रखने का भरोसा भी बढ़ेगा।







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