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नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र राज्य निर्वाचन आयोग (SEC) को फटकार लगाते हुए साफ कहा है कि अब स्थानीय निकाय चुनाव टालने की कोई गुंजाइश नहीं है। कोर्ट ने मंगलवार को सुनवाई के दौरान चुनाव आयोग को अंतिम मौका देते हुए आदेश दिया कि जिला परिषद, पंचायत समिति और सभी नगर निकायों के चुनाव 31 जनवरी 2026 तक पूरे किए जाएं।
जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की खंडपीठ ने कहा कि आयोग ने पहले दिए गए चार महीने में चुनाव कराने के निर्देशों का पालन नहीं किया। अदालत ने चेतावनी देते हुए कहा कि अब इस समयसीमा में कोई भी विस्तार स्वीकार नहीं किया जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट निर्देश-
सीमांकन (Delimitation) की प्रक्रिया 31 अक्टूबर 2025 तक पूरी की जाए।
ईवीएम की व्यवस्था 30 नवंबर 2025 तक सुनिश्चित हो।
आवश्यक कर्मचारी सहायता, निर्वाचन आयोग के अनुरोध के चार हफ्तों के भीतर उपलब्ध कराई जाए।
स्कूल परीक्षाओं का हवाला देकर चुनाव टालना मान्य नहीं होगा।
अदालत ने यह भी कहा कि “जमीनी स्तर पर लोकतंत्र को इंतजार नहीं कराया जा सकता।” कोर्ट ने स्पष्ट किया कि आरक्षण से जुड़े मुद्दों पर बाद में निर्णय लिया जा सकता है, लेकिन चुनाव समय पर होना अनिवार्य है।
इस आदेश के बाद राज्य में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। अब सभी की निगाहें महाराष्ट्र राज्य निर्वाचन आयोग पर टिकी हैं कि वह किस तरह तय समयसीमा में चुनावी तैयारी पूरी करता है।







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