India Morning News
नई दिल्ली / न्यूयॉर्क: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का भारत पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। रूस से तेल की खरीद को रोकने के लिए अमेरिका ने पहले भारत पर 50% टैरिफ लगाया और H1B वीज़ा शुल्क में भारी बढ़ोतरी की। अब H1B वीज़ा के लिए लगभग 1 लाख डॉलर यानी 88 लाख रुपये चुकाने होंगे।
भारत ने रूस से तेल की खरीद जारी रखी है, जिसके चलते ट्रंप ने अब विद्यार्थी वीज़ा पर कड़ी कार्रवाई की है। आंकड़ों के मुताबिक, 2024 की तुलना में इस वर्ष अमेरिका द्वारा जारी किए जाने वाले विद्यार्थी वीज़ा में 19% की कमी आई है।
भारतीय छात्रों पर सबसे बड़ा असर-
अमेरिका में पढ़ाई करने वाले भारतीय छात्रों की संख्या दुनिया में सबसे ज्यादा है। इस साल भारत से जाने वाले छात्रों को वीज़ा में 44.5% तक की भारी कटौती का सामना करना पड़ा है। चीन सहित अन्य देशों पर भी असर पड़ा है, लेकिन भारत पर इसका प्रभाव सबसे ज्यादा है।
हजारों वीज़ा रद्द-
अमेरिका की नई नीति के तहत जून माह में हजारों छात्रों के वीज़ा रद्द किए गए हैं। इसके अलावा अब किसी भी कॉलेज में 5% से अधिक विदेशी छात्रों को प्रवेश देने की अनुमति नहीं होगी।
विद्यार्थियों और शिक्षा जगत में इस कदम को लेकर भारी चिंता है, और इसका भारतीय शिक्षा क्षेत्र पर भी गहरा असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।











Comments are closed